घटना विवरण

ताड़का वध

प्रकार: युद्धविश्वसनीयता: मध्यम

विश्वामित्र के मार्गदर्शन में राम ताड़का का वध करते हैं और यह उनके प्रारंभिक युद्धक कौशल का प्रमुख प्रसंग बनता है।

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विश्वामित्र के मार्गदर्शन में राम ताड़का का वध करते हैं और यह उनके प्रारंभिक युद्धक कौशल का प्रमुख प्रसंग बनता है। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।

विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के स्रोत पर्याप्त हैं, पर कालक्रम, स्थान-निर्धारण या व्याख्या के कुछ बिंदुओं पर विभिन्न विद्वानों में मतभेद बने हुए हैं।

वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ

  • Valmiki Ramayana Bala Kanda 1.26.25-26

    विक्रान्तामशनीमिव वेगेनापतन्तीं तां शरेणोरसि विव्याध स पपात ममार च ॥ तां दृष्ट्वा घोरसङ्काशां हतां रामेण राक्षसीम्। सुराः सिद्धाश्च सन्तुष्टाः काकुत्स्थं समपूजयन् ॥

    vikrāntāmaśanīmiva vegenāpatantīṃ tāṃ śareṇorasi vivyādha sa papāta mamāra ca ॥ tāṃ dṛṣṭvā ghorasaṅkāśāṃ hatāṃ rāmeṇa rākṣasīm | surāḥ siddhāśca santuṣṭāḥ kākutsthaṃ samapūjayan ॥

    वह ताड़का, जो बिजली की तरह वेग से आक्रमण कर रही थी और तेजी से नीचे झपट रही थी, उसे राम ने अपने बाण से छाती में मारा, और वह तुरंत गिर पड़ी और पूरी तरह से मर गई। उस भयानक आकार वाली राक्षसी को राम द्वारा मारे गए देखकर, इंद्र और अन्य देवता अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने राम की 'अद्भुत, अद्भुत' कहकर बहुत प्रशंसा की।

    मूल स्रोत देखें

व्याख्याएँ

घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।

  • Textual sequence · Valmiki Textual Tradition

    Slaying of Tataka को कथानक निरंतरता और सापेक्ष-क्रम मानचित्रण के आधार पर रामायण: प्रारंभिक दरबारी आख्यान क्रम में रखा गया है।

    अनुमानित सीमा: -700 से -100
    यह स्वतः-निर्मित व्याख्या घटना की विश्वसनीयता श्रेणी (मध्यम) के अनुरूप रखी गई है।

स्रोत

संबंधित घटनाएँ

ये संबंध स्पष्ट लिंक, साझा कथात्मक क्रम, भूगोल या घटना-प्रकार के आधार पर पारदर्शी रूप से दिखाए जाते हैं।

  • समान कथात्मक चाप

    विश्वामित्र का राम को यज्ञरक्षा हेतु आमंत्रण

    ऋषि विश्वामित्र विघ्नों से यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को साथ ले जाने का निवेदन करते हैं।

    प्रकार: आमंत्रणविश्वसनीयता: मध्यम
  • समान कथात्मक चाप

    सिद्धाश्रम यज्ञ की रक्षा

    राम और लक्ष्मण सिद्धाश्रम के यज्ञ की सफल रक्षा करते हैं और संरक्षक व्रत पूर्ण करते हैं।

    प्रकार: रक्षाविश्वसनीयता: मध्यम
  • समान कथात्मक चाप

    राम और अयोध्या के राजकुमारों का जन्म

    दशरथ के यज्ञोत्तर अनुष्ठानों के बाद अयोध्या में राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म होता है।

    प्रकार: जन्मविश्वसनीयता: उच्च
  • समान कथात्मक चाप

    अहल्या उद्धार

    गौतम आश्रम में राम के आगमन से अहल्या प्रसंग का समापन होता है और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पुनःस्थापित होती है।

    प्रकार: पुनर्स्थापनाविश्वसनीयता: मध्यम
  • समान प्रकार

    विराध से सामना

    दंडकारण्य मार्ग में राम और लक्ष्मण विराध का पराभव करते हैं और यात्रा-पथ सुरक्षित करते हैं।

    प्रकार: युद्धविश्वसनीयता: मध्यम
  • समान प्रकार

    जटायु का अंतिम प्रतिरोध और साक्ष्य

    जटायु रावण को रोकने का प्रयास करता है और बाद में राम को निर्णायक सूचना देता है, जिससे दक्षिण दिशा का पीछा स्पष्ट होता है।

    प्रकार: युद्धविश्वसनीयता: उच्च