घटना विवरण
विश्वामित्र का राम को यज्ञरक्षा हेतु आमंत्रण
ऋषि विश्वामित्र विघ्नों से यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को साथ ले जाने का निवेदन करते हैं।
Read Full Storyऋषि विश्वामित्र विघ्नों से यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को साथ ले जाने का निवेदन करते हैं। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।
विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के स्रोत पर्याप्त हैं, पर कालक्रम, स्थान-निर्धारण या व्याख्या के कुछ बिंदुओं पर विभिन्न विद्वानों में मतभेद बने हुए हैं।
वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ
Valmiki Ramayana Bala Kanda 1-19-8
स्व पुत्रम् राज शार्दूल रामम् सत्य पराक्रमम् || काक पक्ष धरम् शूरम् ज्येष्ठम् मे दातुम् अर्हसि |
sva putram rāja śārdūla rāmam satya parākramam || kāka pakṣa dharam śūram jyeṣṭham me dātum arhasi |
“हे राजन्, हे राजशार्दूल! अपने ज्येष्ठ पुत्र राम को, जिसका पराक्रम सत्य है, जिसके केश कौवे के पंखों जैसे काले हैं, जो शूरवीर है, उसे आप मुझे देने योग्य हैं।”
मूल स्रोत देखें
व्याख्याएँ
घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।
- Textual sequence · Valmiki Textual Tradition
Vishvamitra Invites Rama to Protect the Sacrifice को कथानक निरंतरता और सापेक्ष-क्रम मानचित्रण के आधार पर रामायण: प्रारंभिक दरबारी आख्यान क्रम में रखा गया है।
अनुमानित सीमा: -700 से -100यह स्वतः-निर्मित व्याख्या घटना की विश्वसनीयता श्रेणी (मध्यम) के अनुरूप रखी गई है।
स्रोत
Valmiki Ramayana Primary Index
Sanskrit Documents · 2026 · primary_text
संदर्भ देखें
संबंधित घटनाएँ
ये संबंध स्पष्ट लिंक, साझा कथात्मक क्रम, भूगोल या घटना-प्रकार के आधार पर पारदर्शी रूप से दिखाए जाते हैं।
समान कथात्मक चाप
राम और अयोध्या के राजकुमारों का जन्म
दशरथ के यज्ञोत्तर अनुष्ठानों के बाद अयोध्या में राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म होता है।
प्रकार: जन्मविश्वसनीयता: उच्चसमान कथात्मक चाप
ताड़का वध
विश्वामित्र के मार्गदर्शन में राम ताड़का का वध करते हैं और यह उनके प्रारंभिक युद्धक कौशल का प्रमुख प्रसंग बनता है।
प्रकार: युद्धविश्वसनीयता: मध्यमसमान कथात्मक चाप
सिद्धाश्रम यज्ञ की रक्षा
राम और लक्ष्मण सिद्धाश्रम के यज्ञ की सफल रक्षा करते हैं और संरक्षक व्रत पूर्ण करते हैं।
प्रकार: रक्षाविश्वसनीयता: मध्यम