घटना विवरण
विराध से सामना
दंडकारण्य मार्ग में राम और लक्ष्मण विराध का पराभव करते हैं और यात्रा-पथ सुरक्षित करते हैं।
दंडकारण्य मार्ग में राम और लक्ष्मण विराध का पराभव करते हैं और यात्रा-पथ सुरक्षित करते हैं। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।
विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के स्रोत पर्याप्त हैं, पर कालक्रम, स्थान-निर्धारण या व्याख्या के कुछ बिंदुओं पर विभिन्न विद्वानों में मतभेद बने हुए हैं।
वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ
Valmiki Ramayana Aranya Kanda 3-3
श्लोक-संदर्भ: Valmiki Ramayana Aranya Kanda 3-3
śloka reference: Valmiki Ramayana Aranya Kanda 3-3
Primary chapter-level shloka reference for Encounter with Viradha.
मूल स्रोत देखें
व्याख्याएँ
घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।
- Textual sequence · Valmiki Textual Tradition
Encounter with Viradha को कथानक निरंतरता और सापेक्ष-क्रम मानचित्रण के आधार पर रामायण: वनवास और अरण्य मार्ग क्रम में रखा गया है।
अनुमानित सीमा: -700 से -100यह स्वतः-निर्मित व्याख्या घटना की विश्वसनीयता श्रेणी (मध्यम) के अनुरूप रखी गई है।
स्रोत
Valmiki Ramayana Primary Index
Sanskrit Documents · 2026 · primary_text
संदर्भ देखें