घटना विवरण

सुग्रीव का वैश्विक खोज-भूगोल विवरण

प्रकार: भूगोलविश्वसनीयता: मध्यम

किष्किंधा कांड में नदियों, पर्वतों, द्वीपों और समुद्री संकेतों के साथ बहुदिशीय खोज-मार्गों का विस्तृत वर्णन मिलता है।

किष्किंधा कांड में नदियों, पर्वतों, द्वीपों और समुद्री संकेतों के साथ बहुदिशीय खोज-मार्गों का विस्तृत वर्णन मिलता है। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।

विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के स्रोत पर्याप्त हैं, पर कालक्रम, स्थान-निर्धारण या व्याख्या के कुछ बिंदुओं पर विभिन्न विद्वानों में मतभेद बने हुए हैं।

वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ

  • Valmiki Ramayana 4-40 to 4-43

    देशान् विचित्रान् गहनान् गिरिंश्च समुद्रान् सरितस्तथा ।

    deśān vicitrān gahanān giriṁś ca samudrān saritas tathā |

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    मूल स्रोत देखें

व्याख्याएँ

घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।

  • Global hypothesis · Modern Historical Analysis

    यह व्याख्या स्रोत-आधारित पाठ-पठन और तुलनात्मक कालक्रम विश्लेषण पर आधारित है।

    अनुमानित सीमा: -700 से 2026
    विश्वसनीयता टिप्पणी: मध्यम स्तर पर स्रोत-संगति उपलब्ध है।

स्रोत

  • वाल्मीकि रामायण, Kishkindha Kanda, Sarga 40

    वाल्मीकि रामायण (अनुवाद पोर्टल) · 2009 · primary_text

    संदर्भ देखें
  • पराकास कैंडेलाब्रा (एल कैंडेलाब्रो) संदर्भ

    विकिपीडिया योगदानकर्ता · 2026 · modern_interpretation

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