घटना विवरण
हनुमान द्वारा लंका दहन
रणनीतिक प्रतिरोध के रूप में हनुमान लंका के प्रमुख हिस्सों में अग्नि फैलाते हैं और शत्रुपक्ष पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालते हैं।
बंधन और अपमान के बाद हनुमान द्वारा किया गया लंका-दहन दूत-कार्य से युद्ध-पूर्व मनोवैज्ञानिक अभियान में रूपांतरण को दर्शाता है। यह घटना शत्रुपक्ष की आंतरिक सुरक्षा कमजोरियों को भी उजागर करती है।
विश्वसनीयता का आधार: पाठीय स्रोतों में यह प्रसंग अत्यंत प्रसिद्ध और संगत है; पर इसका भौतिक-इतिहास निर्धारण विवादित होने से इसे मध्यम विश्वसनीयता श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ
Valmiki Ramayana Sundara Kanda 5-54
श्लोक-संदर्भ: Valmiki Ramayana Sundara Kanda 5-54
śloka reference: Valmiki Ramayana Sundara Kanda 5-54
Primary chapter-level shloka reference for Hanuman Burns Lanka.
मूल स्रोत देखें
व्याख्याएँ
घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।
- Textual sequence · Valmiki Textual Tradition
Hanuman Burns Lanka को कथानक निरंतरता और सापेक्ष-क्रम मानचित्रण के आधार पर रामायण: खोज और गठबंधन क्रम में रखा गया है।
अनुमानित सीमा: -700 से -100यह स्वतः-निर्मित व्याख्या घटना की विश्वसनीयता श्रेणी (उच्च) के अनुरूप रखी गई है।
स्रोत
Valmiki Ramayana Primary Index
Sanskrit Documents · 2026 · primary_text
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