घटना विवरण

सुग्रीव और हनुमान से राम की भेंट

प्रकार: भेंटविश्वसनीयता: उच्च

किष्किंधा में राम की सुग्रीव और हनुमान से भेंट होती है और एक रणनीतिक गठबंधन बनता है।

किष्किंधा में राम की सुग्रीव और हनुमान से भेंट होती है और एक रणनीतिक गठबंधन बनता है। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।

विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के लिए पाठीय स्रोतों में अच्छा सामंजस्य मिलता है और प्रमुख व्याख्याएँ मुख्य बिंदुओं पर व्यापक रूप से सहमत दिखती हैं।

वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ

  • Valmiki Ramayana 4-4-1

    ततः प्रहृष्टो हनुमान् कृत्यवानिति तद्वचः ।

    tataḥ prahṛṣṭo hanumān kṛtyavān iti tadvacaḥ |

    Then Hanuman, hearing those purposeful words, rejoiced in the mission’s alignment.

    मूल स्रोत देखें

व्याख्याएँ

घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।

  • Archaeological context · Modern Historical Analysis

    यह व्याख्या स्रोत-आधारित पाठ-पठन और तुलनात्मक कालक्रम विश्लेषण पर आधारित है।

    अनुमानित सीमा: -700 से 1200
    विश्वसनीयता टिप्पणी: उच्च स्तर पर स्रोत-संगति उपलब्ध है।
  • Textual sequence · Valmiki Textual Tradition

    यह व्याख्या स्रोत-आधारित पाठ-पठन और तुलनात्मक कालक्रम विश्लेषण पर आधारित है।

    अनुमानित सीमा: -700 से -100
    विश्वसनीयता टिप्पणी: उच्च स्तर पर स्रोत-संगति उपलब्ध है।

स्रोत

  • वाल्मीकि रामायण, Ayodhya Kanda, Sarga 19

    वाल्मीकि रामायण (अनुवाद पोर्टल) · 2009 · primary_text

    संदर्भ देखें
  • वाल्मीकि रामायण, Kishkindha Kanda, Sarga 4

    वाल्मीकि रामायण (अनुवाद पोर्टल) · 2009 · primary_text

    संदर्भ देखें
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण: Hampi स्मारक समूह

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण · 2026 · archaeology_context

    संदर्भ देखें
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण: विश्व धरोहर Hampi

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण · 2026 · archaeology_context

    संदर्भ देखें