घटना विवरण

पंपा क्षेत्र में शबरी से भेंट

प्रकार: भेंटविश्वसनीयता: मध्यम

राम और लक्ष्मण पंपा के समीप शबरी से मिलते हैं; यह घटना किष्किंधा गठबंधन से पहले मार्गदर्शक मोड़ सिद्ध होती है।

Read Full Story

राम और लक्ष्मण पंपा के समीप शबरी से मिलते हैं; यह घटना किष्किंधा गठबंधन से पहले मार्गदर्शक मोड़ सिद्ध होती है। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।

विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के स्रोत पर्याप्त हैं, पर कालक्रम, स्थान-निर्धारण या व्याख्या के कुछ बिंदुओं पर विभिन्न विद्वानों में मतभेद बने हुए हैं।

वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ

  • Valmiki Ramayana 3-74

    पूजयित्वा तु धर्मात्मा रामो दाशरथिर्मुनिम् ।

    pūjayitvā tu dharmātmā rāmo dāśarathir munim |

    Rama, son of Dasharatha, honored the ascetic path and counsel before moving onward.

    मूल स्रोत देखें

व्याख्याएँ

घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।

  • Textual sequence · Valmiki Textual Tradition

    यह व्याख्या स्रोत-आधारित पाठ-पठन और तुलनात्मक कालक्रम विश्लेषण पर आधारित है।

    अनुमानित सीमा: -700 से -100
    विश्वसनीयता टिप्पणी: मध्यम स्तर पर स्रोत-संगति उपलब्ध है।

स्रोत

  • वाल्मीकि रामायण, Aranya Kanda, Sarga 74

    वाल्मीकि रामायण (अनुवाद पोर्टल) · 2009 · primary_text

    संदर्भ देखें

संबंधित घटनाएँ

ये संबंध स्पष्ट लिंक, साझा कथात्मक क्रम, भूगोल या घटना-प्रकार के आधार पर पारदर्शी रूप से दिखाए जाते हैं।

  • समान कथात्मक चाप

    सुतीक्ष्ण ऋषि से भेंट

    राम सुतीक्ष्ण ऋषि से परामर्श लेकर दक्षिणी वन क्षेत्रों में आगे की गमन-योजना स्पष्ट करते हैं।

    प्रकार: भेंटविश्वसनीयता: मध्यम
  • समान कथात्मक चाप

    अगस्त्य द्वारा दिव्यास्त्र प्रदान

    अगस्त्य ऋषि राम को दिव्य आयुध प्रदान करते हैं और पंचवटी की ओर प्रस्थान का मार्ग बताते हैं।

    प्रकार: शस्त्रीकरणविश्वसनीयता: मध्यम
  • समान कथात्मक चाप

    शरभंग ऋषि से भेंट

    वनमार्ग में शरभंग ऋषि से संवाद के माध्यम से अगले चरण की दिशा और आश्रम-परंपरा का संदर्भ मिलता है।

    प्रकार: भेंटविश्वसनीयता: मध्यम
  • समान कथात्मक चाप

    पंचवटी में निवास स्थापना

    राम, सीता और लक्ष्मण पंचवटी में निवास स्थापित करते हैं, जो आगे के संघर्ष प्रसंगों का प्रमुख केंद्र बनता है।

    प्रकार: निवास स्थापनाविश्वसनीयता: उच्च
  • समान प्रकार

    सुग्रीव और हनुमान से राम की भेंट

    किष्किंधा में राम की सुग्रीव और हनुमान से भेंट होती है और एक रणनीतिक गठबंधन बनता है।

    प्रकार: भेंटविश्वसनीयता: उच्च
  • समान प्रकार

    अत्रि और अनसूया से भेंट

    राम और सीता अत्रि ऋषि तथा अनसूया से मिलते हैं; यह प्रसंग वनवास के आध्यात्मिक और आचारगत आयामों को स्पष्ट करता है।

    प्रकार: भेंटविश्वसनीयता: मध्यम