घटना विवरण

राम का वनवास

प्रकार: वनवासविश्वसनीयता: उच्च

राम चौदह वर्ष के वनवास के लिए प्राचीन भारत के अरण्य क्षेत्रों की ओर प्रस्थान करते हैं।

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राम चौदह वर्ष के वनवास के लिए प्राचीन भारत के अरण्य क्षेत्रों की ओर प्रस्थान करते हैं। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।

विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के लिए पाठीय स्रोतों में अच्छा सामंजस्य मिलता है और प्रमुख व्याख्याएँ मुख्य बिंदुओं पर व्यापक रूप से सहमत दिखती हैं।

वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ

  • Valmiki Ramayana 2-19-2

    एवमस्तु गमिष्यामि वनं वस्तुमहं ततः । जटाचीरधरः राज्ञः प्रतिज्ञामनुपालयन् ॥

    evam astu gamiṣyāmi vanaṁ vastum ahaṁ tataḥ | jaṭācīradharaḥ rājñaḥ pratijñām anupālayan ||

    So be it. I shall go to the forest, bearing matted locks and bark garments, upholding the king’s pledge.

    मूल स्रोत देखें

व्याख्याएँ

घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।

  • Textual sequence · Valmiki Textual Tradition

    यह व्याख्या स्रोत-आधारित पाठ-पठन और तुलनात्मक कालक्रम विश्लेषण पर आधारित है।

    अनुमानित सीमा: -700 से -100
    विश्वसनीयता टिप्पणी: उच्च स्तर पर स्रोत-संगति उपलब्ध है।

स्रोत

  • वाल्मीकि रामायण, Ayodhya Kanda, Sarga 19

    वाल्मीकि रामायण (अनुवाद पोर्टल) · 2009 · primary_text

    संदर्भ देखें

संबंधित घटनाएँ

ये संबंध स्पष्ट लिंक, साझा कथात्मक क्रम, भूगोल या घटना-प्रकार के आधार पर पारदर्शी रूप से दिखाए जाते हैं।

  • समान कथात्मक चाप

    श्रृंगवेरपुर में गुह द्वारा स्वागत

    निषादराज गुह राम-लक्ष्मण-सीता का आदरपूर्वक स्वागत करते हैं और उनके गमन-पथ में सहयोग प्रदान करते हैं।

    प्रकार: गठबंधनविश्वसनीयता: मध्यम
  • समान कथात्मक चाप

    गंगा नदी का पारगमन

    वनगमन के प्रारंभिक चरण में रामपक्ष गंगा पार कर दक्षिणमुखी मार्ग पर आगे बढ़ता है।

    प्रकार: यात्राविश्वसनीयता: मध्यम
  • समान कथात्मक चाप

    भरत का राजगद्दी अस्वीकार

    भरत राज्याभिषेक अस्वीकार कर राम के अधिकार को स्वीकारते हैं, जिससे राजवंशीय वैधता और धर्मसंगत उत्तराधिकार सुरक्षित रहता है।

    प्रकार: उत्तराधिकारविश्वसनीयता: उच्च
  • समान कथात्मक चाप

    भरद्वाज आश्रम का दर्शन

    भरद्वाज ऋषि के आश्रम में राम मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं, जिसके बाद चित्रकूट को निवास क्षेत्र के रूप में चुना जाता है।

    प्रकार: मार्गदर्शनविश्वसनीयता: मध्यम