घटना विवरण
सीता स्वयंवर और शिव धनुष भंग
मिथिला में राम शिवधनुष उठाकर तोड़ते हैं और इसके परिणामस्वरूप सीता से विवाह संपन्न होता है।
मिथिला में राम शिवधनुष उठाकर तोड़ते हैं और इसके परिणामस्वरूप सीता से विवाह संपन्न होता है। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।
विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के लिए पाठीय स्रोतों में अच्छा सामंजस्य मिलता है और प्रमुख व्याख्याएँ मुख्य बिंदुओं पर व्यापक रूप से सहमत दिखती हैं।
वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ
Valmiki Ramayana 1-67 (Sita Swayamvara chapter)
धनुर्भङ्गप्रसङ्गेन सीतायाः स्वयंवरो महान् ।
dhanurbhaṅga-prasaṅgena sītāyāḥ svayaṁvaro mahān |
The great swayamvara of Sita turns on the breaking of the bow.
मूल स्रोत देखें
व्याख्याएँ
घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।
- Textual sequence · Valmiki Textual Tradition
यह व्याख्या स्रोत-आधारित पाठ-पठन और तुलनात्मक कालक्रम विश्लेषण पर आधारित है।
अनुमानित सीमा: -700 से -100विश्वसनीयता टिप्पणी: उच्च स्तर पर स्रोत-संगति उपलब्ध है।
स्रोत
वाल्मीकि रामायण, Bala Kanda, Sarga 67
वाल्मीकि रामायण (अनुवाद पोर्टल) · 2009 · primary_text
संदर्भ देखें