घटना विवरण

अयोध्या वापसी और राज्याभिषेक

प्रकार: राज्याभिषेकविश्वसनीयता: उच्च

वनवास पूर्ण होने के बाद राम अयोध्या लौटते हैं और राज्याभिषेक के साथ मुख्य कथा चक्र पूर्ण होता है।

वनवास पूर्ण होने के बाद राम अयोध्या लौटते हैं और राज्याभिषेक के साथ मुख्य कथा चक्र पूर्ण होता है। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।

विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के लिए पाठीय स्रोतों में अच्छा सामंजस्य मिलता है और प्रमुख व्याख्याएँ मुख्य बिंदुओं पर व्यापक रूप से सहमत दिखती हैं।

वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ

  • Valmiki Ramayana 6-119-14

    अद्य त्वां निहतामित्रं दृष्ट्वा संपूर्णमानसम् । निस्तीर्णवनवासं च प्रीतिरासीत्परा मम ॥

    adya tvāṁ nihatāmitraṁ dṛṣṭvā saṁpūrṇamānasam | nistīrṇavanavāsaṁ ca prītir āsīt parā mama ||

    Seeing you today with enemies defeated and exile completed brings me profound joy.

    मूल स्रोत देखें

व्याख्याएँ

घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।

  • Textual sequence · Valmiki Textual Tradition

    यह व्याख्या स्रोत-आधारित पाठ-पठन और तुलनात्मक कालक्रम विश्लेषण पर आधारित है।

    अनुमानित सीमा: -700 से -100
    विश्वसनीयता टिप्पणी: उच्च स्तर पर स्रोत-संगति उपलब्ध है।

स्रोत

  • वाल्मीकि रामायण, Yuddha Kanda, Sarga 119

    वाल्मीकि रामायण (अनुवाद पोर्टल) · 2009 · primary_text

    संदर्भ देखें