घटना विवरण
संपाती द्वारा लंका-दिशा की पहचान
संपाती सीता के लंका में होने का संकेत देता है, जिससे खोज-अभियान का लक्ष्य पहली बार स्पष्ट भौगोलिक दिशा प्राप्त करता है।
संपाती सीता के लंका में होने का संकेत देता है, जिससे खोज-अभियान का लक्ष्य पहली बार स्पष्ट भौगोलिक दिशा प्राप्त करता है। यह प्रसंग रामायण कथानक में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है और इसके ऐतिहासिक-भौगोलिक संकेतों पर विभिन्न शोध परंपराओं में सतत अध्ययन होता रहा है।
विश्वसनीयता का आधार: इस घटना के लिए पाठीय स्रोतों में अच्छा सामंजस्य मिलता है और प्रमुख व्याख्याएँ मुख्य बिंदुओं पर व्यापक रूप से सहमत दिखती हैं।
वाल्मीकि रामायण श्लोक संदर्भ
Valmiki Ramayana Kishkindha Kanda 4-63
श्लोक-संदर्भ: Valmiki Ramayana Kishkindha Kanda 4-63
śloka reference: Valmiki Ramayana Kishkindha Kanda 4-63
Primary chapter-level shloka reference for Sampati Identifies Lanka Direction.
मूल स्रोत देखें
व्याख्याएँ
घटना विवरण में व्याख्याएँ और संबंधित स्रोत एक ही स्थान पर तुलना के लिए उपलब्ध होते हैं।
- Textual sequence · Valmiki Textual Tradition
Sampati Identifies Lanka Direction को कथानक निरंतरता और सापेक्ष-क्रम मानचित्रण के आधार पर रामायण: खोज और गठबंधन क्रम में रखा गया है।
अनुमानित सीमा: -700 से -100यह स्वतः-निर्मित व्याख्या घटना की विश्वसनीयता श्रेणी (उच्च) के अनुरूप रखी गई है।
स्रोत
Valmiki Ramayana Primary Index
Sanskrit Documents · 2026 · primary_text
संदर्भ देखें